डॉ. विजय सिंह राघव का जन्म 3 मार्च 1957 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के कस्बा बहजोई में हुआ था। वर्तमान में वे बरेली, उत्तर प्रदेश में निवास कर रहे हैं। उन्होंने अपनी स्नातकोत्तर शिक्षा एम.जे.पी. रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली से और पीएचडी कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से दूर शिक्षा में डिप्लोमा अर्जित किया। डॉ. राघव ने उत्तरांचल और उत्तर प्रदेश के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य किया और उच्च शिक्षा विभाग में प्राचार्य और उच्च शिक्षा अधिकारी के रूप में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य किया। वे लगभग 40 वर्षों तक उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग में सेवाएं देते रहे और वर्ष 2017 में सेवानिवृत्त हुए। लेखक को उनकी शिक्षा, लेखन, और समाज में योगदान के लिए अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिनमें फ्रेंडशिप फोरम ऑफ इंडिया द्वारा एक्सीलेंसी सम्मान, पेंग्वान पब्लिशिंग हाउस द्वारा राइजिंग पर्सनालिटीज़ ऑफ इंडिया अवार्ड 2006, और उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ द्वारा बाबू श्याम सुन्दर दास सर्जना सम्मान 2017 सहित कई अन्य पुरस्कार शामिल हैं। उन्होंने राष्ट्रीय पत्रिकाओं और समाचार पत्रों में विभिन्न विषयों पर लेख लिखे हैं, और आकाशवाणी से भी वार्ता प्रसारित की है। उनकी प्रकाशित पुस्तकें समाज, शिक्षा, और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित हैं। "उधम से उत्कर्ष: विकास की अद्वितीय कहानी" लेखक की सातवीं प्रकाशित पुस्तक है, जो उनके अनुभवों और विचारों का एक समृद्ध संग्रह है।