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Badalti Bharatiya Arthvyavastha: Vitt, Bazaar, Neeti aur Samaj ke Naye Aayam

AKA: बदलती भारतीय अर्थव्यवस्था: वित्त, बाजार, नीति और समाज के नये आयाम
Author(s): Dr. Vijay Singh Raghav
523

  • Language:
  • Hindi
  • ISBN13:
  • 9789369262366
  • ISBN10:
  • 9369262369
  • Format:
  • Hardcover
  • Trim:
  • 6x9
  • Pages:
  • 152
  • Publication date:
  • 18-Aug-2026

  •   Available, Ships in 3-5 days
  •   10 Days Replacement Policy

बदलती भारतीय अर्थव्यवस्था: वित्त, बाजार, नीति और समाज के नये आयाम भारतीय अर्थव्यवस्था में हो रहे व्यापक बदलावों का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक वित्तीय व्यवस्था, बाजार की बदलती प्रकृति, आर्थिक नीतियों, तकनीकी प्रगति, रोजगार, सामाजिक परिवर्तन और वैश्वीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डालती है। सरल एवं विश्लेषणात्मक भाषा में लिखी गई यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और भारतीय अर्थव्यवस्था को समझने के इच्छुक पाठकों के लिए उपयोगी है। यह पुस्तक वर्तमान आर्थिक चुनौतियों, अवसरों और नये उभरते आयामों को समझने में एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करती है।

Dr. Vijay Singh Raghav

Dr. Vijay Singh Raghav

डॉ. विजय सिंह राघव का जन्म 3 मार्च 1957 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के कस्बा बहजोई में हुआ था। वर्तमान में वे बरेली, उत्तर प्रदेश में निवास कर रहे हैं। उन्होंने अपनी स्नातकोत्तर शिक्षा एम.जे.पी. रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली से और पीएचडी कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से दूर शिक्षा में डिप्लोमा अर्जित किया। डॉ. राघव ने उत्तरांचल और उत्तर प्रदेश के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य किया और उच्च शिक्षा विभाग में प्राचार्य और उच्च शिक्षा अधिकारी के रूप में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य किया।

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