“पैसा और खुशी: मिथक या वास्तविकता” धन और सुख के बीच जटिल संबंध की पड़ताल करती है। यह पुस्तक यह समझने में मदद करती है कि क्या वास्तव में पैसा खुशियाँ लाता है या संतोष भीतर से आता है। वास्तविक जीवन के उदाहरणों, मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण और व्यावहारिक विचारों के माध्यम से, पाठकों को यह जानने में मार्गदर्शन मिलता है कि कैसे वित्तीय स्थिरता, व्यक्तिगत मूल्य और भावनात्मक बुद्धिमत्ता मिलकर पूर्ण जीवन की अनुभूति बनाते हैं। यह पुस्तक सामान्य धारणाओं को चुनौती देती है, सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए प्रेरित करती है और संतुलित, सार्थक जीवन की दिशा दिखाती है।