इस पुस्तक में लेखक पवित्र भावनाओं और उज्ज्वल कविताओं के माध्यम से प्रेम की उन किरणों पर मनन करता है, जो मिलन और विरह दोनों को अर्थ देती हैं। द लिटिल बुक ऑफ़ लव एक ऐसे स्तुति-गीत की तरह गूंजती है, जो उस चमकते सूरज को समर्पित है—जो भीतर की जागृति का शाश्वत स्रोत है। जब सूरज क्षितिज को स्पर्श करता है, तब एक छोटा-सा जुगनू भी आनंद से भर उठता है, क्योंकि हर आत्मा सहज ही उस दिव्य प्रकाश को पहचान लेती है। इस उजास के समीप रात्रि खड़ी है—शांत, सौम्य और तारों से अलंकृत—फिर भी अक्सर प्रेम के दिन के आमंत्रण से अनभिज्ञ। किंतु जब प्रेम, जो सबसे महान शक्ति है, रात और दिन को एक करने का संकल्प लेता है, छाया और प्रकाश को पवित्र सामंजस्य में बांध देता है, तब संसार के सामने एक नई भोर जन्म लेती है।