लेखक की यह पुस्तक दुनिया की वृद्धि की समस्या पर नया प्रकाश डालती है और इन समस्याओं के उत्तर खोजती है। यह सरल, बोधगम्य भाषा में है, जो हर विषयक्रमी को पढ़ना चाहिए। इससे अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, भूगोल आदि में रुचि रखने वालों को उपयोगी सिद्ध होगी।
डॉ. विजय सिंह राघव का जन्म 3 मार्च 1957 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के कस्बा बहजोई में हुआ था। वर्तमान में वे बरेली, उत्तर प्रदेश में निवास कर रहे हैं। उन्होंने अपनी स्नातकोत्तर शिक्षा एम.जे.पी. रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली से और पीएचडी कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से दूर शिक्षा में डिप्लोमा अर्जित किया। डॉ. राघव ने उत्तरांचल और उत्तर प्रदेश के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य किया और उच्च शिक्षा विभाग में प्राचार्य और उच्च शिक्षा अधिकारी के रूप में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य किया।