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Paisa aur Khushi: Mithak ya Vaastavikata

AKA: पैसा और खुशी: मिथक या वास्तविकता
Author(s): Dr. Vijay Singh Raghav
99

  • Language:
  • Hindi
  • ISBN13:
  • 9789369263059
  • ISBN10:
  • 9369263055
  • Format:
  • Ebook
  • Pages:
  • 118
  • Publication date:
  • 18-Sep-2025

Available at

Printed copies available at

“पैसा और खुशी: मिथक या वास्तविकता” धन और सुख के बीच जटिल संबंध की पड़ताल करती है। यह पुस्तक यह समझने में मदद करती है कि क्या वास्तव में पैसा खुशियाँ लाता है या संतोष भीतर से आता है। वास्तविक जीवन के उदाहरणों, मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण और व्यावहारिक विचारों के माध्यम से, पाठकों को यह जानने में मार्गदर्शन मिलता है कि कैसे वित्तीय स्थिरता, व्यक्तिगत मूल्य और भावनात्मक बुद्धिमत्ता मिलकर पूर्ण जीवन की अनुभूति बनाते हैं। यह पुस्तक सामान्य धारणाओं को चुनौती देती है, सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए प्रेरित करती है और संतुलित, सार्थक जीवन की दिशा दिखाती है।

Dr. Vijay Singh Raghav

Dr. Vijay Singh Raghav

डॉ. विजय सिंह राघव का जन्म 3 मार्च 1957 को उत्तर प्रदेश के बहजोई में हुआ था। उन्होंने एम.जे.पी. रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर और कुमाऊं विश्वविद्यालय से पीएचडी की। लगभग 40 वर्षों तक उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत रहने के बाद, वे 2017 में सेवानिवृत्त हुए।

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